लद्दाख, जिसे अक्सर अपनी बर्फ़ीली चोटियों, बौद्ध मठों और शांत जीवन के लिए जाना जाता है, आज उबल रहा है। यहां Gen-Z ( 1999 -2012) तक जन्म लेने वाले अमूमन जिनकी उम्र 25 वर्ष और उससे कम है , सड़कों पर है, नारे लगा रही है और अपने अधिकारों की माँग कर रही है।
क्यों भड़की लद्दाख की युवा पीढ़ी?
[ ] 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग होकर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिला। उस समय लोगों को उम्मीद थी कि अब यहां विकास की गति तेज होगी, नौकरियों के नए अवसर आएंगे और क्षेत्रीय पहचान को मजबूती मिलेगी। लेकिन छह साल बाद हालात उम्मीदों के उलट दिखाई देते हैं।
[ ] संवैधानिक सुरक्षा: लोग संविधान के छठी अनुसूची के तहत विशेष राज्य के दर्जा चाहते हैं, ताकि उनकी ज़मीन, संसाधन और संस्कृति सुरक्षित रहे।
[ ] राज्य का दर्जा: लद्दाखी समाज मानता है कि केंद्र शासित प्रदेश होने से उनकी आवाज़ दब गई है और निर्णय लेने की शक्ति बाहरियों के हाथों में चली गई है।
[ ] बेरोज़गारी और संसाधनों की कमी: पढ़े-लिखे युवाओं के पास काम नहीं है, जबकि संसाधनों पर बाहरी दबाव बढ़ रहा है।
[ ] इन सबके बीच सरकार और जनता के बीच संवाद की कमी ने आग में घी डालने का काम कर रही है..

आंदोलन का चेहरा क्यों बने युवा?
[ ] आज की पीढ़ी सोशल मीडिया और जागरूकता की ताक़त को जानती है। लद्दाख के कॉलेज-युवा और Gen-Z लड़के-लड़कियाँ ही इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं। यही कारण है कि इसे “Gen-Z प्रोटेस्ट” कहा जा रहा है।
हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का कहना है कि यह केवल युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे लद्दाख की सामूहिक माँग है। फिर भी, इस आंदोलन को गति और स्वर युवाओं से ही मिला है।

विरोध से हिंसा तक
[ ] पिछले कुछ हफ़्तों से लद्दाख में भूख-हड़ताल, धरने और शांति मार्च चल रहे थे। लेकिन जब सरकार की तरफ़ से ठोस जवाब नहीं मिला, तो गुस्सा फूट पड़ा।
[ ] कई इलाक़ों में प्रदर्शन उग्र हो गए, सरकारी दफ़्तरों और राजनीतिक दलों के दफ़्तरों को निशाना बनाया गया।
[ ] पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में चार लोगों की मौत हुई और कई घायल हो गए।
[ ] इसके अलावा, कई रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि 70 से 80 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें पुलिस और सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे।
[ ] प्रशासन ने कर्फ्यू और इंटरनेट बंद करने जैसे कदम उठाए, ताकि हालात काबू में आ सकें।
छठी अनुसूची क्या है?
[ ] भारतीय संविधान की छठी अनुसूची एक विशेष संवैधानिक प्रावधान है जो पूर्वोत्तर भारत के चार राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन और सुरक्षा से संबंधित है। यह अनुसूची इन क्षेत्रों को स्वायत्तता और स्वशासन प्रदान करती है ताकि स्थानीय जनजातीय आबादी अपने अधिकारों, संस्कृति, भूमि और संसाधनों की रक्षा कर सके। छठी अनुसूची के प्रमुख प्रावधान छठी अनुसूची मुख्य रूप से संविधान के अनुच्छेद 244(2) और 275(1) के तहत लागू होती है..
[ ] शामिल राज्य: यह केवल चार राज्यों में लागू है: असम, मेघालय , त्रिपुरा और मिजोरम …
[ ] स्वायत्त जिला परिषदें (Autonomous District Councils – ADCs): यह इन राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों को स्वायत्त जिलों के रूप में गठित करने का प्रावधान करती है।
[ ]प्रत्येक स्वायत्त जिले का प्रशासन एक जिला परिषद द्वारा किया जाता है। अधिकार और शक्तियां: स्वायत्त जिला परिषदों को अपने क्षेत्र के भीतर कई मामलों पर कानून बनाने की व्यापक शक्तियां मिलती हैं।
[ ]इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं: भूमि और वन का प्रबंधन। जल स्रोतों का नियंत्रण। पारंपरिक कानून और सामाजिक रीति-रिवाज। विवाह और तलाक। शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि।
[ ] इस प्रावधान का उद्देश्य बाहरी हस्तक्षेप को सीमित करना है, खासकर भूमि के स्वामित्व और हस्तांतरण के संबंध में, ताकि स्थानीय संसाधनों पर जनजातीय लोगों का नियंत्रण बना रहे और उनकी विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहे।
[ ]लद्दाख के लोग इस अनुसूची में शामिल होने की मांग कर रहे हैं ताकि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वे अपनी अद्वितीय संस्कृति, पर्यावरण और जनसांख्यिकीय संरचना को बाहरी प्रभाव से बचा सकें।

सोनम वांगचुक कौन है?
[ ] सोनम वांगचुक एक प्रसिद्ध इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं जो मुख्य रूप से लद्दाख से जुड़े हुए हैं। वह हाल ही में लद्दाख में जन-आंदोलन का मुख्य चेहरा बनकर उभरे हैं।
[ ] वो SECMOL( Students Educational and Cultural Movement of Ladakh) के संस्थापक हैं, जो लद्दाख में शिक्षा प्रणाली बदलने की दिशा में काम करता है..
[ ] उन्हें उनके आइस स्तूप (Ice Stupa) कृत्रिम ग्लेसियर नवाचार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली..
[ ] बॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्म 3 इडियट्स में मुख्य किरदार उन्हीं का था…
[ ] वह लेह अपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) द्वारा शुरू किए गए संयुक्त आंदोलन के प्रमुख व्यक्तियों में से एक हैं।
[ ] मांगों पर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए, उन्होंने हाल ही में भूख हड़ताल (15 दिनों)का नेतृत्व किया, जिसमें लद्दाख के युवा और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
[ ] केंद्र सरकार के कुछ अधिकारियों ने हाल की हिंसक घटनाओं के लिए उन पर युवाओं को उकसाने का आरोप लगाया है, खासकर “Gen Z प्रोटेस्ट” और “अरब स्प्रिंग” जैसी क्रांतियों का संदर्भ देने के लिए। वांगचुक ने इन आरोपों को निराधार बताया है….





