कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आज बयान में बीजेपी नेताओं और बिहार की राजनीतिक स्थिति पर तीखे हमले किए।
मुस्लिमों पर बीजेपी सांसद के बयान पर भड़के खेड़ा
एक बीजेपी सांसद द्वारा दिए गए बयान, जिसमें कहा गया था कि मुसलमान वोट नहीं देते लेकिन सरकारी योजनाओं का फायदा उठाते हैं, पर खेड़ा ने कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा, “यह बहुत बड़ी बदतमीजी वाली बात है। योजना क्या केवल किसी एक वर्ग के लिए होती है? मतलब आप वोट नहीं देंगे तो क्या आपको योजना का लाभ नहीं मिलेगा? यह गुंडागर्दी है। यह लोकतंत्र है। उनको कहिए औकात में रहें, औकात से ज्यादा नहीं बोलनी चाहिए, भले ही रूलिंग पार्टी के एमपी हों।”
महागठबंधन की सीट शेयरिंग: “हो चुकी है, सिर्फ घोषणा बाकी”
महागठबंधन में अब तक सीट शेयरिंग और कोऑर्डिनेशन नहीं होने के सवाल पर पवन खेड़ा ने एक दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “शादी मंदिर में भी होती है, शादी फेरों से भी होती है और शादी अदालत में भी होती है। मंदिर की शादी को क्या अवैध बोला जाएगा? हर शादी क्या अदालत में होती है? सब कुछ हो चुका है, सिर्फ घोषणा बाकी है।”
जिन सीटों पर कांग्रेस और RJD के उम्मीदवार आमने-सामने हैं, उस पर उन्होंने कहा कि नामांकन का आखिरी दिन हो जाने दीजिए, उसके बाद सब कुछ सॉर्ट आउट हो जाएंगे।
सीएम फेस और मेनिफेस्टो पर दिया भरोसा
सीएम फेस को लेकर बने असमंजस पर खेड़ा ने कहा कि “सही वक्त पर होगी, निश्चित रहिए।” उन्होंने कहा कि मेनिफेस्टो के लिए भी सही समय आएगा, हर चीज का एक समय होता है।
बीजेपी मुख्यमंत्रियों के दौरे पर तंज
बीजेपी के कई मुख्यमंत्रियों के बिहार दौरे पर तंज कसते हुए पवन खेड़ा ने कहा, “उनके राज्यों का क्या हाल हो रहा है? एक आदित्यनाथ हैं, यहां आकर जंगलराज पर भाषण देते हैं, देखिए अपने राज्य की क्या हालत कर रखी है।”
नक्सलवाद के वादे पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अगले साल तक नक्सलवाद खत्म करने के वादे पर खेड़ा ने निशाना साधते हुए कहा, “अगले साल कहेंगे 2047 तक कर देंगे। आप मोदी जी को जानते नहीं हैं। इन्हें बोलने से पहले सोचना चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने पूरा छत्तीसगढ़ का अपना नेतृत्व नक्सलियों के हाथों खो दिया था, तब इन्हीं की पार्टी की रमन सिंह की सरकार थी।”





