हार्ट अटैक, सबसे अधिक खतरा 30 उम्र पार वाले को
भारत में दिल के दौरे (हार्ट अटैक) और हृदय रोग की स्थिति काफी चिंताजनक है..विभिन्न रिपोर्टों और अध्ययनों के अनुसार, भारत में हृदय रोगों से होने वाली मौतों की संख्या बहुत अधिक है रजिस्टरार जनरल ऑफ इंडिया के (Sample Registration Survey ) की ताजा रिपोर्ट की मुताबिक वर्ष 2021-23 के बीच भारत में होने वाली कुल मौतों में से लगभग 31% मौतें हृदय रोगों के कारण होती हैं।

- हृदय रोगियों की संख्या: अनुमान है कि वर्तमान में लगभग 9 करोड़ भारतीय हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं।
- दुनिया भर में दिल के दौरे से होने वाली कुल मौतों में से 20% मौतें भारत में होती हैं।
- पहले हृदय रोग को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह युवाओं को भी प्रभावित कर रही है। हार्ट अटैक के 25% मामले 40 साल से कम उम्र के लोगों में देखे गए हैं।
- अकाल मृत्यु: हृदय रोग से होने वाली मौतों में से 60% से अधिक मौतें असमय (समय से पहले) होती हैं।
भारत में हृदय रोगों के बढ़ने के कई कारण हैं जैसे:

- अस्वास्थ्यकर जीवनशैली (असंतुलित आहार, शारीरिक निष्क्रियता)
- तनाव
- धूम्रपान और शराब का सेवन
- मोटापा
- उच्च रक्तचाप और मधुमेह (डायबिटीज)
हृदय रोग से कैसे बचाव किया जाये..
- फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज और फलियों का अधिक सेवन ..
- ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे मछली और अलसी के बीज खाएं..
- अखरोट और बादाम जैसे मेवे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं.
- कम वसा (लो फैट), कम चीनी और कम नमक वाले भोजन का सेवन करें।
- प्रोसेस्ड और जंक फूड से बचें…
- नियमित व्यायाम:
- हर दिन कम से कम 30 मिनट तक तेज चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना या तैरना जैसी एरोबिक गतिविधियाँ करें।
- नियमित व्यायाम से हृदय मजबूत होता है और रक्त संचार में सुधार होता है।
- यह वजन, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करने में मदद करता है।
- धूम्रपान और शराब से बचें..
- धूम्रपान हृदय और रक्त वाहिकाओं को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।
- शराब का अत्यधिक सेवन भी हृदय रोग का खतरा बढ़ाता है।
तनाव भारतीयों में बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है और भारत की आधी से अधिक आबादी युवा और युवा आज बहुत अधिक न सिर्फ तनाव में है साथ ही डिप्रेशन का भी शिकार बन रहे हैं…
तनाव से हृदय को बहुत नुकसान होता है…
- तनाव हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
- योग, ध्यान, गहरी साँसें लेने के व्यायाम और अपनी पसंद की गतिविधियाँ करके तनाव को कम करें।
स्वस्थ वजन बनाए रखें..
- अधिक वजन या मोटापा उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह जैसे जोखिम कारकों को बढ़ा सकता है, जो हृदय रोग का कारण बन सकते हैं।
पर्याप्त नींद लें:
- रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद लें।
- अच्छी नींद ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करती है।
नियमित स्वास्थ्य जाँच:
- अपने ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर के स्तर की नियमित जांच कराएं।
- खासकर अगर आपके परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, तो नियमित रूप से डॉक्टर से सलाह लें।





