बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने नारी हथकंडा उतारा है..इस चुनाव में लगभग 150 महिला नेत्री चुनाव करेंगी..इनमें सांसद, विधायक और महिला कार्यकर्ता सभी शामिल हैं..
ये उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली राजस्थान इत्यादि राज्यों से है..ये महिला 10 सितंबर से 18 सितंबर तक क्षेत्र में जनसंपर्क करेंगी..वे महिला वोटरों से उनके समस्याओं के बारे में बातचीत करेंगी..साथ ही पार्टी का भी प्रचार करेंगी..
भाजपा कार्यालय में प्रवासी महिला विस्तारक अभियान को लेकर बैठक हुई..इसमें बिहार सरकार की योजनाओं, महिलाओं को मिलने वाले फायदे, विपक्ष के आरोप और जनसंपर्क की रणनीति पर चर्चा हुई…

कैसे करेंगी प्रचार?
[1] विभिन्न राज्यों से आयी महिलाओं की टीम बनाई गई है एक टीम में 10 से 13 महिला कार्यकर्ता शामिल होंगी..स्थानीय कार्यकर्ता भी टीम के हिस्से होंगी..
[2] महिला कार्यकर्ता सुबह से दोपहर तक ग्रामीण क्षेत्र और दोपहर से शाम तक शहरी क्षेत्रों में जनसंपर्क करेंगी.. और रात में विधानसभा क्षेत्र में रहेंगी..
लक्ष्य:- युवा महिलाएं, जो योजनाओं को समझ रही है और लाभ ले रही है..
जनसंपर्क के दौरान महिलाएं 2005 से पहले का बिहार और वर्तमान बिहार में आए बदलाव के बारे में बतायेंगी..साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं की भी जानकारी देंगी. जैसे: सुकन्या समृद्धि योजना, बालिका समृद्धि योजना, उड़ान, सीबीएसई इत्यादि….
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी रणनीति ..
बीजेपी, जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेगी। हालांकि, दोनों दलों के बीच सीट-बंटवारे को लेकर बातचीत जारी है। सूत्रों के मुताबिक, जेडीयू 100 से 105 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
बीजेपी ने अपनी ओर से यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस रणनीति की अगुवाई करेंगे।
बीजेपी की रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा महिला वोटरों पर ध्यान केंद्रित करना है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिला कल्याण पर जोर दिया जा रहा है, ताकि उनका समर्थन हासिल किया जा सके।
बीजेपी ने अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है। पार्टी ने बिहार को छह जोन में बांटा है, और हर जोन में अमित शाह मंडल, जिला और बूथ स्तर पर तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
बीजेपी “सबका साथ-सबका विकास” के मंत्र के साथ मुस्लिम मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। खासकर पसमांदा मुस्लिम महिलाओं और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के माध्यम से समर्थन जुटाने पर जोर दिया जा रहा है।
बीजेपी ने चुनाव के लिए एक ‘वॉर रूम’ भी स्थापित किया है, जहां से चुनावी गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। पार्टी ने विभिन्न स्तरों पर कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें की हैं, ताकि चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके।





