भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के लिए केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान को प्रभारी बनाया है…बीजेपी ने गुरुवार को बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए..
बिहार के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चुनावी प्रभारी जबकि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को सह -प्रभारी बनाया है…
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का प्रभारी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री विपलव देव को सह प्रभारी बनाया गया है..
इसके अलावा तमिलनाडु में बीजेपी सांसद बैजयंत पांडा को प्रभारी और मुरलीधर मोहोल को सह प्रभारी नियुक्त किया है..
बिहार में अक्टूबर-नवंबर में चुनाव होने वाले हैं फ़िलहाल यहां एनडीए की सरकार है..वहीं अगले साल 2026 में बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव होंगे..

धर्मेंद्र प्रधान की नियुक्ति का महत्व
• धर्मेंद्र प्रधान भाजपा के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। वे ओडिशा से आते हैं और पार्टी में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं, जिनमें पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव का पद भी शामिल है। उन्होंने कई राज्यों में चुनाव प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है,
• जिसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पिछले विधानसभा चुनाव भी शामिल हैं, जहाँ भाजपा ने शानदार जीत हासिल की थी। उनका यह अनुभव बिहार में पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
• प्रधान केंद्रीय मंत्री( शिक्षा मंत्री)भी हैं, जिसके कारण उनका केंद्र सरकार के साथ सीधा संपर्क है। यह स्थिति उन्हें बिहार में केंद्र सरकार की योजनाओं और नीतियों को प्रभावी ढंग से प्रचारित करने में मदद करेगी। वे केंद्र और राज्य के बीच एक मजबूत समन्वय स्थापित कर सकते हैं, जो चुनाव के दौरान आवश्यक है।
• प्रधान एक ओबीसी नेता हैं और उन्हें सामाजिक समीकरणों की अच्छी समझ है। बिहार में जातिगत समीकरण चुनाव परिणामों को बहुत प्रभावित करते हैं। प्रधान की यह समझ भाजपा को राज्य में विभिन्न समुदायों को एकजुट करने और युवा होने के कारण युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ सकता है और उनका समर्थन हासिल करने में मदद कर सकता है।

बिहार चुनाव में भाजपा की रणनीति
धर्मेंद्र प्रधान की नियुक्ति से यह स्पष्ट है कि भाजपा बिहार में चुनाव जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
• प्रधान के नेतृत्व में भाजपा केंद्र सरकार द्वारा बिहार के लिए किए गए विकास कार्यों और योजनाओं को जोर-शोर से प्रचारित करेगी।
• प्रधान राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, ताकि बूथ स्तर तक पार्टी की पहुँच सुनिश्चित हो सके।
• पार्टी विभिन्न जातियों और समुदायों को साधने के लिए एक विशेष रणनीति अपनाएगी।
• भाजपा राज्य सरकार और विपक्षी दलों की विफलताओं पर हमला करेगी।





