बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा सीटों की घोषणा कर दिए जाने के बाद, विपक्षी महागठबंधन (MGB) में सीट शेयरिंग को लेकर दबाव और बेचैनी बढ़ गई है। नामांकन शुरू होने में कम समय को देखते हुए, आज कांग्रेस के प्रदेश नेताओं को दिल्ली बुलाया गया है, जहां सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने की कवायद की जा रही है।
दिल्ली में आज बैठकों का दौर
महागठबंधन के भविष्य को लेकर आज दिल्ली में बैठकों का एक महत्वपूर्ण दौर है। सबसे पहले, कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी (CEC) की बैठक है, जिसमें राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल मौजूद रहेंगे। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, इसलिए सीटों का मामला जल्द से जल्द सुलझाकर नामांकन शुरू करना अनिवार्य है।
सूत्रों के अनुसार, लालू यादव और तेजस्वी यादव के कोर्ट से मुक्त होने के बाद, आज दोपहर 12 बजे के आसपास मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक होगी। इस बैठक में राहुल गांधी, खड़गे, तेजस्वी यादव और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी मौजूद रहेंगे। उम्मीद है कि इस मीटिंग के बाद महागठबंधन की ओर से सीटों का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।

मुकेश सहनी का 25 सीटों और डिप्टी सीएम पद पर दावा
महागठबंधन में सबसे बड़ा पेंच वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी को लेकर फंसा है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने उन्हें कुल 18 सीटों का ऑफर दिया है, लेकिन इसमें एक बड़ी शर्त जोड़ी गई है। इस शर्त के मुताबिक, इन 18 सीटों में से 10 सीटों पर राजद के उम्मीदवार होंगे, जो वीआईपी के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि सहनी के अपने सिर्फ 8 उम्मीदवार होंगे।
इस सशर्त ऑफर के विपरीत, मुकेश सहनी 25 सीटों और उपमुख्यमंत्री पद की घोषणा पर अड़े हुए हैं। इसके अलावा, वह वैशाली और हरनौत जैसी सीटों पर भी अपना दावा ठोक रहे हैं।
कांग्रेस का लेफ्ट और राजद से टकराव
कांग्रेस के लिए 54 सीटें लगभग तय मानी जा रही हैं। हालांकि, कांग्रेस इस संख्या से संतुष्ट नहीं है और चार और अतिरिक्त सीटों पर दावा कर रही है। ये सीटें हैं: बछवाड़ा, औराई, हरलाखी और मटिहानी।
इन चारों सीटों पर लेफ्ट पार्टियाँ भी अपना दावा ठोक रही हैं। खासकर बछवाड़ा सीट को लेकर कांग्रेस और सीपीआई में सीधा टकराव है। कांग्रेस यहाँ से यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिव प्रकाश गरीबदास को टिकट देना चाहती है, जबकि सीपीआई ने अवधेश राय को मैदान में उतारने की तैयारी कर ली है।
वहीं, कांग्रेस राजद की पारंपरिक सीटों जैसे कहलगांव, बायसी, सहरसा, बहादुरगंज और रानीगंज पर भी चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन राजद अपनी पारंपरिक सीटों से समझौता करने को तैयार नहीं है।
इन तमाम बैठकों के बाद, माना जा रहा है कि महागठबंधन आज शाम तक अपनी सीट शेयरिंग की घोषणा कर सकता है।





