पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आखिरकार सभी 243 सीटों पर अपनी सीट शेयरिंग के फॉर्मूले का ऐलान कर दिया है। गठबंधन के नेताओं द्वारा यह घोषणा किए जाने के बाद से राज्य की सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है और पिछले कई दिनों से जारी तमाम अटकलों के माहौल पर पूरी तरह से विराम लग गया है।
एनडीए गठबंधन ने समान सम्मान और ‘सौहार्दपूर्ण’ तालमेल का दावा करते हुए सीटों का बंटवारा इस प्रकार किया है:
पार्टी (दल) आवंटित सीटें
- भाजपा (BJP) 101
- जनता दल यूनाइटेड (JDU) 101
- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) – LJP(R) 29
- हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) 06
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) 06

बराबर सीटों पर माने
BJP और JDUइस बंटवारे की सबसे बड़ी बात यह रही कि गठबंधन के दोनों बड़े दल, बीजेपी और जेडीयू, समान संख्या यानी 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ने को सहमत हो गए हैं। यह दिखाता है कि दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व ने आपसी सामंजस्य स्थापित कर लिया है।
चिराग पासवान की ताकत बढ़ी
युवा नेता चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिली हैं, जो गठबंधन में उनकी बढ़ती राजनीतिक ताकत को दर्शाता है। 29 सीटों का यह हिस्सा उन्हें एनडीए के भीतर एक महत्वपूर्ण और किंगमेकर की भूमिका में स्थापित करता है।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) को 6 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को भी 6 सीटें देकर छोटे सहयोगियों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।
सीटों का यह स्पष्टीकरण अब एनडीए के सभी घटक दलों को चुनाव प्रचार और जमीनी स्तर पर काम शुरू करने का संकेत देता है। एनडीए नेताओं का मानना है कि इस एकजुटता से विपक्षी महागठबंधन के खिलाफ उनकी जीत का रास्ता और आसान हो जाएगा।





