हमारे देश में वर्ष 2023 में हुए अपराधों की तस्वीर सामने आ गयी..NCRB(नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो) की रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान 62,41,569 अपराध दर्ज हुए..NCRB की रिपोर्ट ने बढ़ते अपराध को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं..आखिर समाज में दिन- प्रतिदिन बढ़ते अपराध के कारण क्या है.और साथ ही यह समाज, प्रशासन तथा न्याय प्रणाली के सामने मौजूद चुनौतियों को भी उजागर करती है।
NCRB की रिपोर्ट की तस्वीर ..
[ ] रिपोर्ट के अनुसार 2023 में भारत में लगभग 62.41 लाख अपराध दर्ज किए गए। यह संख्या 2022 की तुलना में लगभग 7.2% अधिक है। अपराध दर (प्रति लाख आबादी) भी 422.2 से बढ़कर 448.3 तक पहुँच गई।
[ ] महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या 4.48 लाख से अधिक रही। इनमें सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न और दहेज से जुड़े अपराधों के थे।
[ ] बच्चों के खिलाफ अपराध भी बढ़े हैं — 2023 में इन मामलों में लगभग 9% की वृद्धि दर्ज हुई।
[ ] हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे संगीन मामलों में भी उच्च आँकड़े सामने आए।
[ ] हत्या के सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश और बिहार से आए।
[ ] बलात्कार के लगभग 29,670 मामले दर्ज किए गए।

साइबर और आर्थिक अपराध
[ ] डिजिटल युग में अपराधों की प्रकृति भी बदल रही है।
[ ] साइबर अपराध मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिनमें धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा सबसे बड़ी श्रेणी है।
[ ] आर्थिक अपराध (जालसाज़ी, बेईमानी आदि) 2022 से बढ़कर 2023 में और गंभीर चुनौती बनकर सामने आए।
[ ] NCRB की रिपोर्ट ने जेलों की स्थिति पर भी चिंता जताई है। 2023 में कुल 150 अप्राकृतिक मौतें दर्ज हुईं, जिनमें आत्महत्या और हिंसा के मामले शामिल हैं। पंजाब इस श्रेणी में सबसे है…
भ्रष्टाचार
[ ] पूरे भारत में भ्रष्टाचार मामले 2023 में घट कर 4,069 दर्ज किए गए, जो 2022 में 4,139 थे।
[ ] महाराष्ट्र ने इस सूची में 812 मामले दर्ज कराए, जो किसी भी अन्य राज्य से ज़्यादा हैं।
[ ] दूसरे स्थान पर राज्य हैं: कर्नाटक (362 मामले), राजस्थान (316) आदि।
प्रवासी नागरिकों और विदेशी अपराध
[ ] विदेशी नागरिकों द्वारा अपराधों में लगभग 21% की वृद्धि हुई है। इनमें अधिकांश मामले पासपोर्ट और वीज़ा नियमों के उल्लंघन से जुड़े थे।
NCRB की रिपोर्ट यह बताती हैं कि भारत में अपराधों का पैटर्न बदल रहा है — पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ साइबर और आर्थिक अपराधों में भी तेज़ी आई है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।इस रिपोर्ट से यह भी संकेत मिलता है कि अपराध की संख्या बढ़ने के पीछे सिर्फ़ अपराध में वृद्धि ही नहीं, बल्कि बेहतर रिपोर्टिंग और जागरूकता भी एक कारण है।
NCRB की डाटा कौन प्रकाशित करता है?
NCRB भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है।हर साल NCRB देशभर से अपराध से संबंधित आँकड़े इकट्ठा करता है और उन्हें अपनी रिपोर्ट के रूप में प्रकाशित करता है।





