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भारत को मिले 15वें उपराष्ट्रपति …एनडीए के सी. पी. राधाकृष्णन ने इंडिया गठबंधन के बी.सुदर्शन रेड्डी को हराया…..

नए उपराष्ट्रपति कौन बनेंगे ?

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन ने 2025 का उपराष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। उन्होंने विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया।
​चुनाव में, सी. पी. राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। कुल 767 वोट डाले गए थे, जिनमें से 15 वोट अवैध पाए गए।

सी. पी. राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति होंगे। इससे पहले वे महाराष्ट्र के राज्यपाल थे।
सी. पी. राधाकृष्णन के बारे में कुछ जानकारियां…
​चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन, जिन्हें सीपी राधाकृष्णन के नाम से जाना जाता है, भारत के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। वह NDA के उम्मीदवार थे और उन्होंने विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया।

उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा:
राधाकृष्णन जी को बधाई..सार्वजनिक जीवन में दशकों के समृद्ध अनुभव से राष्ट्र को महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा, आपके सफल और प्रभावशाली कार्यकाल के लिए मैं शुभकामनाएं प्रेषित करती हूं..

प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा :

राधाकृष्णन जी का जीवन, समाज सेवा , गरीबों व वंचितों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित रहा, मुझे विश्वास है कि वो एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति साबित होंगे….

  • ​जन्म: 4 मई, 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में।
  • ​शिक्षा: उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है।
  • ​आरएसएस से जुड़ाव: उन्होंने 1970 के दशक की शुरुआत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक के रूप में अपना करियर शुरू किया और 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने।
  • ​वे लंबे समय से भाजपा के सदस्य रहे हैं और उन्होंने पार्टी के विभिन्न पदों पर काम किया है।
  • ​वह कोयंबटूर सीट से दो बार लोकसभा के लिए चुने गए थे (1998 और 1999 में)। अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कपड़ा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया।
  • ​2004 से 2007 तक, उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
  • ​उन्होंने कई राज्यों में राज्यपाल के रूप में कार्य किया है।
  • फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल रहे..
  • ​जुलाई 2024 से सितंबर 2025 तक महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे..
  • ​अतिरिक्त प्रभार: उन्हें तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया ..
  • ​’वाजपेयी ऑफ कोयंबटूर’: अपने विनम्र और सुलह वाले स्वभाव के कारण उन्हें तमिलनाडु की राजनीति में ‘अजातशत्रु’ (बिना शत्रु वाला) और ‘वाजपेयी ऑफ कोयंबटूर’ कहा जाता है।

भारत के उपराष्ट्रपति के कार्य:-

  • ​उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन (पद के अनुसार) सभापति होते हैं।
  • ​वे सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं, सदन में अनुशासन बनाए रखते हैं और नियमों का पालन सुनिश्चित करते हैं।
  • ​वे सदन में किसी भी सदस्य को बोलने की अनुमति देते हैं और चर्चाओं को विनियमित करते हैं।
  • ​वे सदन में असंसदीय भाषा के प्रयोग को रोकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर सदस्यों को निलंबित भी कर सकते हैं।
  • ​सभापति के रूप में उनके निर्णय अंतिम होते हैं।
  • ​यदि राष्ट्रपति का पद किसी कारण से खाली हो जाता है (जैसे मृत्यु, त्यागपत्र, महाभियोग या बीमारी), तो उपराष्ट्रपति कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं।
  • ​यह पद अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए होता है, जिसके भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव कराना अनिवार्य होता है।
  • ​जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते हैं, तो उन्हें राष्ट्रपति के समान सभी शक्तियां, विशेषाधिकार और भत्ते प्राप्त होते हैं।
  • ​इस अवधि के दौरान, वे राज्यसभा के सभापति के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करते हैं।
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