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राहुल गांधी का वोटर अधिकार यात्रा आज समाप्त.. बैलगाड़ी, भैंस से पहुचें कार्यकर्ता!

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने आज पटना में साढ़े तीन घंटे वोटर अधिकार मार्च निकाला..मार्च गांधी मैदान से शुरू होकर हाईकोर्ट के पास खत्म हुआ..

राहुल गांधी ने गांधी जी को माल्यार्पण कर यात्रा की शुरुआत की ,साथ ही भीमराव अम्बेडकर को प्रणाम कर यात्रा समाप्त हुई…जिसके साथ ही 16 दिनों की वोटर अधिकार यात्रा समाप्त हुई ..

वोटर अधिकार यात्रा के वज़ह से साढ़े 4 से 5 घंटे तक पटना के ट्रैफिक का हाल बिगड़ा रहा ,आम लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा..

वोटर यात्रा के दौरान राहुल और तेजस्वी को डाकबंगला चौराहे पर रोक दिया गया..यहां जनसभा हुई जहां पहले से ही मंच तैयार था..

अपने संबोधन में राहुल ने कहा: ” NDA के लोग वोट चोरी कर जीत रहे ,महाराष्ट्र में भी ये वोट चोरी कर जीते.. न सिर्फ भारत में चीन में भी लोग बोल रहे “वोट चोर ,गद्दी छोड़ ”

वोटर अधिकार यात्रा के अंतिम दिन पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा।

राहुल गांधी ने कहा:

• ​बीजेपी के लोगों, सावधान हो जाइए, एक ‘हाइड्रोजन बम’ आ रहा है।
• ​वोट चोरी की सच्चाई पूरे देश को पता लगने जा रही है।
• ​उन्होंने बिहार के लोगों, युवाओं और महिलाओं को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने पूरे देश को यह संदेश दिया है कि वोट की चोरी नहीं होने देंगे।
• ​उन्होंने यह भी कहा कि ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ का नारा बिहार से निकलकर पूरे देश में फैल गया है।
• ​राहुल गांधी ने दावा किया कि ‘हाइड्रोजन बम’ के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना चेहरा देश को नहीं दिखा पाएंगे।

तेजस्वी यादव ने कहा:

• ​बिहार की धरती लोकतंत्र की जननी है और बीजेपी यहां से लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है।
• ​उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या वे लोकतंत्र और संविधान को खत्म होने देंगे?
• ​तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार का एक इंजन अपराध में लगा हुआ है।
• ​उन्होंने कहा कि बीजेपी ने यात्रा में रुकावट डालने की पूरी कोशिश की, लेकिन लोगों ने उनका साथ दिया।

इस यात्रा का समापन गांधी मैदान में एक विशाल जनसभा के साथ हुआ, जिसमें ‘इंडिया’ गठबंधन के कई अन्य नेता भी शामिल हुए।

राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का समापन 1 सितंबर, 2025 को पटना के गांधी मैदान में हुआ। यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी और 14 दिनों में बिहार के 25 जिलों से होकर गुजरी थी।

​इस यात्रा का उद्देश्य चुनाव आयोग द्वारा बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के खिलाफ विरोध दर्ज कराना और लोगों के मतदान अधिकारों पर कथित हमले को उजागर करना था।

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