बिहार की राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) के इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इन डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें मिलने वाला स्टाइपेंड (वजीफा) बाकी अस्पतालों के मुकाबले बेहद कम है।
डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें वर्तमान में सिर्फ ₹20,000 का स्टाइपेंड मिलता है, जबकि वे 12 घंटे से ज्यादा अपनी सेवाएं देते हैं और इमरजेंसी के दौरान उन्हें कभी भी बुला लिया जाता है। उनका कहना है कि यह राशि एक आम मजदूर की सैलरी से भी कम है, जो उनके काम और मेहनत के साथ न्याय नहीं है।
हड़ताली डॉक्टरों की मुख्य मांग यह है कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम ₹35,000 से ₹40,000 किया जाए, ताकि यह अन्य सरकारी अस्पतालों के बराबर हो सके। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे।
इस हड़ताल के कारण PMCH में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। सरकार इस मामले पर क्या कदम उठाती है, यह देखना बाकी है।





