रक्षाबंधन भाई -बहन के रिश्तों को एक धागे से जोड़ने वाला त्योहार ,यह त्योहार भाई बहन के पवित्र रिश्ते को सम्मान करने वाला महत्वपूर्ण त्योहार है…यह हर साल श्रावण माह के अंतिम तिथि अर्थात् श्रावण पूर्णिमा के दिन यह त्योहार मनाया जाता है…..
इस दिन बहने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बाँधकर उनके दीर्घायु होने की कल्पना करती हैं साथ ही भाई उन्हें उपहार देते हैं और उनकी रक्षा करने की वचन लेते हैं…
आखिर यह त्योहार मनाते क्यूं है?
इसको लेकर पौराणिक मान्यताएं प्रचलित हैं…रक्षाबंधन का संबंध कृष्ण द्रौपदी से है युद्ध में पांडवों की जीत को सुनिश्चित करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने युद्धिष्ठिर को सेना की रक्षा के लिए राखी का त्योहार मनाने का सुझाव दिया था। वहीं अभिमन्यु युद्ध में विजयी हों, इसके लिए उनकी दादी माता कुंती ने भी उनके हाथ पर रक्षा सूत्र बांधकर भेजा था। वहीं द्रौपदी ने भी उनकी लाज बचाने वाले अपने सखा और भाई कृष्णजी को भी राखी बांधी थ,महाभारत की कथा के अनुसार पाण्डवों की राजधानी इन्द्रप्रस्थ में राजसूर्य यज्ञ वाले दिन जब श्री कृष्ण ने शिशुपाल का वध किया था, उनके चक्र से उनकी अंगुली कट गयी थी उस दिन द्रौपदी ने अपने वस्त्र का टुकड़ा फाड़ कर उनकी हाथ की पट्टी की थी, उसी दिन श्री कृष्ण ने कहा कि मैं समय आने पर इसका कर्ज उतार दूँगा , द्रौपदी के चिरहरण के दिन श्री कृष्ण ने उनकी मदद की थी और उस दिन सावन के महीने की पूर्णिमा तिथि थी….
रक्षाबंधन का संबंध मुगल बादशाह हुमायूं सेहुमायूं ने भी कर्णावती को बहन का दर्जा देकर उनकी जान बचाई थी। मध्य काल में राजपूत और मुस्लिमों के बीच संघर्ष चल रहा था। रानी कर्णावती चित्तौड़ के राजा महिपत शाह की विधवा थीं। रानी कर्णावती को जब बहादुरशाह द्वारा मेवाड़ पर हमला करने की खबर मिली, तो वह घबरा गईं। कर्णावती, बहादुरशाह से युद्ध कर पाने में सक्षम नहीं थीं। लिहाजा, उन्होंने प्रजा की सुरक्षा के लिए हुमायूं को राखी भेजी। तब हुमायूं ने राखी की लाज रखी और मेवाड़ पहुंचकर बहादुरशाह के खिलाफ युद्ध लड़ा। हुमायूं उस समय बंगाल पर चढ़ाई करने जा रहे थे। लेकिन राखी की लाज रखते हुए वह रानी कर्णावती और मेवाड़ की रक्षा के लिए अपने अभियान को बीच में ही छोड़कर आ गए। इसी प्रकार रक्षाबंधन को लेकर बहुत सारे पौराणिक कथाएं हैं जो समाज में प्रचलित है…. इस तरह रक्षाबंधन त्योहार का सामाजिक महत्व भी है, यह त्योहार परिवार के बंधनों को मजबूत करता है एवं बच्चों में रिश्ते के महत्व को बताता है, यह समाज में सद्भावना और सामंजस्यपूर्णता को बढ़ाता है……आज रक्षाबंधन के त्योहार पर पूरा बाजार सुन्दर और रंग बिरंगे राखियों से भरा रहता है……………..





