वर्षों से चल रहे आंदोलन के पश्चात सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने डोमिसाइल पर अपना रुख रखते हुए कहा कि बिहार में शिक्षक बहाली में अब से डोमिसाइल लागू होगा. ..उन्होंने शिक्षा विभाग में नियमानुसार संशोधन करने के निर्देश दिए..उन्होंने स्पष्ट कहा कि TRE 4 से यह लागू होगा जिसमें बिहार के निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी..TRE 5 से पहले राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा सुनिश्चित की जाए..
- बिहार के सरकारी स्कूलों में फिलहाल 5.65 लाख शिक्षक कार्यरत हैं जिनमें से करीब 83,000 शिक्षक उत्तर प्रदेश ,झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान इत्यादि राज्यों के निवासी हैं..
- TRE 1,2,3 में करीब 52,000 शिक्षक बिहार के हैं, अब डोमिसाइल लागू होने के बाद बिहार के निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी…
बिहार के अभ्यर्थियों को सीधे लाभ मिलेगा
- मुख्यमंत्री की घोषणा मुताबिक बाहरी राज्य के लोग फॉर्म नहीं भर सकते..
- बाहरी राज्यों के सभी लोग अभी सामान्य श्रेणी में आवेदन करते हैं नए नियमों के अनुसार दूसरे लोग आवेदन नहीं कर पायेंगे…
- बिहार के मूल निवासी जिन्होंने बाहर से पढ़ाई की है उन्हें भी लाभ मिलेगा..
डोमिसाइल क्या है?
डोमिसाइल का अर्थ स्थानीय निवास प्रमाण पत्र है यह प्रमाणपत्र बताता है कि कोई व्यक्ति किस राज्य का स्थायी निवासी हैं..
डोमिसाइल का प्रयोग क्यों होता है?
इसके आधार पर सरकार अपने राज्य के स्थायी निवासियों को शिक्षण संस्थानों, सरकारी नौकरियों में तरजीह देती है…
बिहार की सरकारी नौकरी में डोमिसाइल का क्या फायदा?
- बिहार के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी
- रोजगार को बल मिलेगा
- पलायन में कमी होगी
- राज्य की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा
- लोगों का जीवन स्तर में सुधार होगा
अगर डोमिसाइल की बात करें तो इसका संघर्ष वर्षों पुराना है इसे लेकर अभ्यर्थियों ने राजभवन से मुख्यमंत्री आवास तक का घेराव किया था ,साथ ही लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे थे…
“डोमिसाइल पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि
20 सालों की थकी हारी सरकार हमारी हर योजना दृष्टि एवं मांग का नकल कर रही है..जल्दबाजी में यह घोषणाएँ की जा रही हैं…”





