बिहार कैबिनेट की बैठक में 30 एजेंडों पर मुहर: रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर बड़ा फोकस
पटना: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में आज कुल 30 एजेंडों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। इन फैसलों से राज्य में विकास की गति को और तेज करने की उम्मीद है।
रोजगार और औद्योगिक विकास पर बड़े फैसले
- 1 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य: सरकार ने अगले पांच वर्षों (2025-30) में 1 करोड़ नई नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसके लिए नई नीति और रणनीति पर काम किया जाएगा।
- नए औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार: राज्य के कई जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है। इनमें शामिल हैं:
- बेगूसराय: 991 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए ₹351.59 करोड़ की स्वीकृति।
- बख्तियारपुर (पटना): 500 एकड़ भूमि के लिए ₹219.34 करोड़ की स्वीकृति।
- सीवान: 167.34 एकड़ भूमि के लिए ₹113.92 करोड़ की स्वीकृति।
- सहरसा: 420.62 एकड़ भूमि के लिए ₹88.01 करोड़ की स्वीकृति।
- मधेपुरा: 548.87 एकड़ भूमि के लिए ₹41.26 करोड़ की स्वीकृति।
- गया में टेक्सटाइल मिल को प्रोत्साहन: गया के गुरारू स्थित मां प्रभावती टेक्सटाइल मिल्स को वित्तीय प्रोत्साहन देने की मंजूरी दी गई है, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
आधारभूत संरचना में बड़े सुधार
- सड़क और पुल परियोजनाएं:
- पुनपुन नदी पर पुल: पटना के पुनपुन पिंड दान स्थल पर लक्ष्मण झूले के समतुल्य एक केबल सस्पेंशन पुल बनाने के लिए ₹82.99 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति।
- पटना में फ्लाईओवर: मीठापुर फ्लाईओवर से चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर (वाया करबिगहिया) को जोड़ने के लिए एक नए फ्लाईओवर के निर्माण के लिए ₹292.74 करोड़ की लागत को मंजूरी।
- हवाई अड्डों का विकास:
- 6 नए हवाई अड्डों का सर्वे: बीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर, सहरसा और भागलपुर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों का सर्वे कराने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को ₹2.90 करोड़ का अग्रिम भुगतान।
- गया एयरपोर्ट का विस्तार: गयाजी हवाई अड्डे पर खराब मौसम में भी विमानों के संचालन के लिए कैट-1 लाइट लगाने हेतु 18.24 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के लिए ₹137.17 करोड़ की अनुमानित राशि की प्रशासनिक स्वीकृति।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण
- शिक्षकों का वेतन और पेंशन:
- ‘जीविका’ कार्यकर्ताओं का मानदेय दोगुना: जीविका से जुड़ी सामुदायिक कार्यकर्ताओं, सेवा प्रदाताओं और संसाधन कर्मियों का मानदेय दोगुना करने के लिए ₹347.51 करोड़ की राशि को मंजूरी।
- मीसा पेंशन में वृद्धि: मीसा और डीआईआर के तहत जेल में बंद रहे आंदोलनकारियों की पेंशन राशि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
- शिक्षा और छात्रों के लिए:
- बिहार कृषि विश्वविद्यालय: सबौर में कृषि विश्वविद्यालय के विकास के लिए ₹258.60 करोड़ का अनुदान।
- छात्रवृत्ति और पोशाक योजना: राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के सामान्य श्रेणी के छात्रों को डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति और पोशाक योजना का लाभ देने की मंजूरी।
- गया इंजीनियरिंग कॉलेज का विस्तार: गया इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में वास्तुकला विभाग का नया भवन, 300 बेड का लड़कों का हॉस्टल और 200 बेड का लड़कियों का हॉस्टल बनाने के लिए ₹62.07 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव:
- निजी मेडिकल कॉलेजों में शुल्क: निजी मेडिकल कॉलेजों और डीम्ड विश्वविद्यालयों में 50% सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के समान शुल्क लागू करने के निर्णय को पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्थगित कर दिया गया है।
- पशु चिकित्सालयों का निर्माण: नाबार्ड से ऋण लेकर 19 जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र, 2 अनुमंडलीय पशु चिकित्सालय और 4 प्रथम श्रेणी के पशु चिकित्सालय बनाने के लिए ₹219.31 करोड़ की स्वीकृति।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर छूट: बीएस-I और बीएस-II उत्सर्जन मानक वाले वाहनों को स्क्रैप कराकर जमा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने पर मोटर वाहन कर में 50% छूट दी जाएगी।
- मतदान केंद्रों पर पारिश्रमिक वृद्धि: बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और बीएलओ सुपरवाइजर के वार्षिक पारिश्रमिक को बढ़ाने के लिए ₹38.75 करोड़ की अतिरिक्त राशि को मंजूरी।
- डिजिटल कृषि निदेशालय: कृषि रोड मैप के तहत किसानों को योजनाओं का लाभ रियल टाइम में पहुंचाने और डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए कृषि विभाग के तहत डिजिटल कृषि निदेशालय के गठन को मंजूरी।
- पटना में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन: पटना क्लस्टर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ₹514.59 करोड़ की परियोजना को मंजूरी, जिसमें अतिरिक्त धनराशि का वहन राज्य सरकार करेगी।





