बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर शर्मसार हुई है। गांधी मैदान गेट नंबर 5, एसएसपी कार्यालय के ठीक पास, एक बेहद दर्दनाक घटना ने शहर को झकझोर कर रख दिया है। एक बेगुनाह, बुजुर्ग महिला सड़क किनारे बैठी थी, और शराब के नशे में धुत रईसजादों की बेलगाम रफ्तार ने उनकी जिंदगी छीन ली। इस घटना ने न सिर्फ पटना बल्कि पूरे बिहार को सदमे में डाल दिया है।
हादसे के समय, एक महंगी ऑडी कार में पाँच युवक सवार थे। बताया जा रहा है कि गाड़ी के अंदर ही उनकी शराब पार्टी चल रही थी। तेज रफ्तार और नशे की हालत में गाड़ी पर उनका नियंत्रण पूरी तरह खो चुका था। देखते ही देखते, अनियंत्रित कार ने सड़क किनारे बैठी एक महिला को बुरी तरह कुचल दिया। यह हादसा इतना भयावह था कि स्थानीय लोग भी सन्न रह गए।
हादसे के तुरंत बाद, आरोपी युवक गाड़ी छोड़कर फरार हो गए। लेकिन स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए महिला को बचाने की कोशिश की। उन्होंने मिलकर गाड़ी को पलटा और घायल महिला को बाहर निकाला। हालांकि, यह बेहद दुखद है कि बताया जा रहा है कि महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। पुलिस के पहुंचने से पहले ही, स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़ लिया, जो एसपी कार्यालय की तरफ भागने की कोशिश कर रहा था। गाड़ी के अंदर से शराब की बोतलें, ग्लास और चखना बरामद हुआ है, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि यह हादसा सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि शराब के नशे में हुआ एक जघन्य अपराध था।

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ बिहार में शराबबंदी कानून लागू है, वहीं दूसरी तरफ पॉश इलाकों में खुलेआम शराब की पार्टियां हो रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे रईसजादों को किसकी शह मिली हुई है, जिनकी बेलगाम जिंदगी ने एक निर्दोष की जान ले ली? क्या कानून का डर सिर्फ आम लोगों के लिए है? इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि समाज में व्याप्त उस सोच को भी उजागर किया है, जहां धन-दौलत के आगे इंसान की जान की कोई कीमत नहीं रह जाती। पुलिस को इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि मृतक महिला को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।





